About छवि
तारे भये कारे तेरे नैन रतनारे भये , मोती भये सीरे तू न सीरी अजहूँ भई । छवि कहै पति मै चकैया मिली तू न मिली , ठौया तरु छूटी तेरी टेक ना छुटी दई । अरुनई नई तेरी अरुनई नई भई , चहचही बोली आली तू न बोली ऎबई । मँद छबि भए चँद फूले अरविँद बृँद , गई री विभावरी न रिस रावरी गई । छवि का यह दुर्लभ छन्द श्री राजुल मेहरोत्रा के संग्…
Selected Quotes
तारे भये कारे तेरे नैन रतनारे भये ,मोती भये सीरे तू न सीरी अजहूँ भई ।About छवि
तारे भये कारे तेरे नैन रतनारे भये ,
मोती भये सीरे तू न सीरी अजहूँ भई ।
छवि कहै पति मै चकैया मिली तू न मिली ,
ठौया तरु छूटी तेरी टेक ना छुटी दई ।
अरुनई नई तेरी अरुनई नई भई ,
चहचही बोली आली तू न बोली ऎबई ।
मँद छबि भए चँद फूले अरविँद बृँद ,
गई री विभावरी न रिस रावरी गई ।
छवि का यह दुर्लभ छन्द श्री राजुल मेहरोत्रा के संग्रह से उपलब्ध हुआ है।
मोती भये सीरे तू न सीरी अजहूँ भई ।
छवि कहै पति मै चकैया मिली तू न मिली ,
ठौया तरु छूटी तेरी टेक ना छुटी दई ।
अरुनई नई तेरी अरुनई नई भई ,
चहचही बोली आली तू न बोली ऎबई ।
मँद छबि भए चँद फूले अरविँद बृँद ,
गई री विभावरी न रिस रावरी गई ।
छवि का यह दुर्लभ छन्द श्री राजुल मेहरोत्रा के संग्रह से उपलब्ध हुआ है।
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तारे भये कारे तेरे नैन रतनारे भये , मोती भये सीरे तू न सीरी अजहूँ भई । छवि कहै पति मै चकैया मिली तू न मिली , ठौया तरु छूटी तेरी टेक ना छुटी दई ।
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