शिलाएँ
केवल पत्थर नहीं हैं
वे चिर प्रतीक्षारत हैं
पाने पगधूलि स्पर्श
उनके झरने
प्रेम में निकले आँसू हैं
करता कलोल
जिसमें जीवन
शिलाएँ
केवल पत्थर नहीं हैं
वे चिर प्रतीक्षारत हैं
पाने पगधूलि स्पर्श
उनके झरने
प्रेम में निकले आँसू हैं
करता कलोल
जिसमें जीवन
