रात की हवाओं में बिखरी है
भात की अनोखी गंध
जाने कौन लोग हैं जो आज भी भात पकाते हैं
भात परोसते हैं, भात खाते हैं।
और हम
भात की गंध सूँघते
जागते रहते हैं
सारी रात प्रार्थना में।
रात की हवाओं में बिखरी है
भात की अनोखी गंध
जाने कौन लोग हैं जो आज भी भात पकाते हैं
भात परोसते हैं, भात खाते हैं।
और हम
भात की गंध सूँघते
जागते रहते हैं
सारी रात प्रार्थना में।
