पार्टी दफ्तर में हनुमान, अंगद, सुग्रीव, जामवन्त आदि सारे विधायकों को लिए राम अपनी पार्टी की सूची बना रहे थे। सभी तरफ से हिसाब लगाकर देखा लेकिन पार्टी बहुमत में नहीं आती थी। राम ने लंबी सांस ली और कहा, “विभीषण होता तो ऐसे वक्त पर ‘डिफेक्ट’ कर के आ जाता।”








