सबसे खुराफाती है देह में दिमाग
उपर बैठा सबपर हूकूमत करता रहता है
जो बुरा है, उसके लिए वजहें है
जो भला है सब उसका है
कोई कुछ भी बोले, देखे, सुने या समझे
बदल देता है उसका अर्थ
सब निर्भर हैं उसपर
जरा सा ढीला पड़ा तो
सब लुढ़कने लगते हैं
ऐसे में जरूरी है कि
सब मिलकर इसे सही काम में लगाए रखें
क्योंकि इसकी अक्षय उर्जा से ही चलती है
देह की पूरी गाड़ी








