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युगधारा - नागार्जुन
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
खिचड़ी विप्लव देखा हमने - नागार्जुन
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
इस गुब्बारे की छाया में - नागार्जुन
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
यात्री
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
हज़ार-हज़ार बाहों वाली - नागार्जुन
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
नागार्जुन: Quick Answers
When was नागार्जुन born?
नागार्जुन was born on 30 September 1911. Associated place: ग्राम तरौनी, जिला दरभंगा, बिहार, भारत.
When did नागार्जुन die?
नागार्जुन passed away on 5 September 1998.
Where can I read नागार्जुन's poetry?
Kavishala has 80 poems and stories by नागार्जुन, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by नागार्जुन
युगधारा - नागार्जुन
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
खिचड़ी विप्लव देखा हमने - नागार्जुन
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
इस गुब्बारे की छाया में - नागार्जुन
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
यात्री
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
हज़ार-हज़ार बाहों वाली - नागार्जुन
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
सतरंगे पंखोवाली - नागार्जुन
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा - नागार्जुन
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .
अपने खेत में - नागार्जुन
अपने खेत में....जनवरी का प्रथम सप्ताह
भूल जाओ पुराने सपने - नागार्जुन
अपने खेत में....जनवरी का प्रथम सप्ताह
रत्नगर्भ - नागार्जुन
अपने खेत में....जनवरी का प्रथम सप्ताह
पुरानी जूतियों का कोरस - नागार्जुन
अपने खेत में....जनवरी का प्रथम सप्ताह
भूमिजा - नागार्जुन
अपने खेत में....जनवरी का प्रथम सप्ताह
Selected Quotes by नागार्जुन (चुनिंदा उद्धरण)
भादों की कारी अन्ध्यारी निसा झुकि बादर मंद फुही बरसावै .स्यामा जू आपनी ऊची अटा पै छकी रसरीति मलारहि गावै .अपने खेत में....जनवरी का प्रथम सप्ताहप्रतिबद्ध हूँसंबद्ध हूँकाले-काले ऋतु-रंगकाली-काली घन-घटाजो नहीं हो सके पूर्ण–काममैं उनको करता हूँ प्रणाम ।ओ रे प्रेत -कडककर बोले नरक के मालिक यमराजVideos on नागार्जुन
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