तुला पाहिले मी नदीच्या किनारी

Manik GodghateManik Godghate10 May 1937 – 26 Mar 2012

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तुला पाहिले मी नदीच्या किनारी
तुझे केस पाठीवरी मोकळे,
इथे दाट छायांतुनी रंग गळतात
या वृक्षमाळेतले सावळे!
तुझी पावले गे धुक्याच्या महालात
ना वाजली ना कधी नादली,
निळागर्द भासे नभाचा किनारा
न माझी मला अन्‌ तुला सावली

मनावेगळी लाट व्यापे मनाला
जसा डोंगरी चंद्र हा मावळे,
पुढे का उभी तू, तुझे दुःख झरते?
जसे संचिताचे ऋतू कोवळे



अशी ओल जाता तुझ्या स्पंदनातून
आकांत माझ्या उरी केवढा,
तमांतूनही मंद तार्‍याप्रमाणे
दिसे की तुझ्या बिल्वरांचा चुडा

 

Manik Godghate
About the poet

Manik Godghate

Manik Godghate (Marathi: माणिक गोडघाटे), (10 May 1937- 26 March 2012 )popularly known by his pen name Grace, was a Marathi prose writer and poet. He is most popular as lyricist of the Marathi song "Bhaya Ithale Sampat Nahi", which was sung by Lata Mangeshkar…

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