तुम्हारे पास सिगरेट थी
मेरे पास सूरज
सप्तपदी में दोनों ही शामिल न थे!
फिर जब मैंने
सूरज को धो-पोंछकर, चमकाकर फ़लक पर रखा
तो धरती क्यों गाढ़े धुएँ से भर गई
क्या तुम्हारी सिगरेट मेरे सूरज से जलती थी?
तुम्हारे पास सिगरेट थी
मेरे पास सूरज
सप्तपदी में दोनों ही शामिल न थे!
फिर जब मैंने
सूरज को धो-पोंछकर, चमकाकर फ़लक पर रखा
तो धरती क्यों गाढ़े धुएँ से भर गई
क्या तुम्हारी सिगरेट मेरे सूरज से जलती थी?

सुपरिचित कवयित्री। स्त्रीवादी संवेदना-सरोकारों के लिए उल्लेखनीय। मूल नाम : लीना मल्होत्रा राव जन्म : 03/10/1968 | गुरुग्राम, हरियाणा कविताओं के सोशल मीडिया दौर में पहले-पहल सामने आईं सुपरिचित कवयित्री लीना मल्होत्रा राव का जन्म 3 अक्टूबर 1968 को गुड़गाँव, हरिय…
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