फ़लक

लीना मल्होत्रा रावलीना मल्होत्रा राव3 Oct 1968

1 min read · 12.4K reads

तुम्हारे पास सिगरेट थी

मेरे पास सूरज

सप्तपदी में दोनों ही शामिल न थे!

फिर जब मैंने

सूरज को धो-पोंछकर, चमकाकर फ़लक पर रखा

तो धरती क्यों गाढ़े धुएँ से भर गई

क्या तुम्हारी सिगरेट मेरे सूरज से जलती थी?

लीना मल्होत्रा राव
About the poet

लीना मल्होत्रा राव

सुपरिचित कवयित्री। स्त्रीवादी संवेदना-सरोकारों के लिए उल्लेखनीय। मूल नाम : लीना मल्होत्रा राव जन्म : 03/10/1968 | गुरुग्राम, हरियाणा कविताओं के सोशल मीडिया दौर में पहले-पहल सामने आईं सुपरिचित कवयित्री लीना मल्होत्रा राव का जन्म 3 अक्टूबर 1968 को गुड़गाँव, हरिय…

View profile & all 15 Poems / Stories

More Poetry & Stories You May Like