About लमाबम कमल सिंह
मणिपुरी भाषा के समादृत कवि-लेखक। आधुनिक मणिपुरी साहित्य के सृजन में योगदान के लिए उल्लेखनीय।
Selected Quotes
Poetry & Stories
आज का मैतै साहित्य
खिली तमिल प्रफुल्ल तेलुगुभारत के पुष्पोद्यान में
खोङ्ममेलै
बढ़ता न जल में उगता न थल मेंलेता आसरा पेड़-पौधों का
लैपाकलै
लघुपद विकसित घास में, निर्जन में खिलता सामर्थ्यवानझेलता धूप कालेन की, सहता इङा की वर्षा
अजाना पुष्प-पौधा
शोभित उद्यान मध्य भारत केख्यात बकुल का
चंद्र नदी
दिख रहा दूर यह पर्वत कितना सुंदर!अभिनव मोहक आकर्षक,
About लमाबम कमल सिंह
मणिपुरी भाषा के समादृत कवि-लेखक। आधुनिक मणिपुरी साहित्य के सृजन में योगदान के लिए उल्लेखनीय।
लमाबम कमल सिंह: Quick Answers
Who is लमाबम कमल सिंह?
मणिपुरी भाषा के समादृत कवि-लेखक। आधुनिक मणिपुरी साहित्य के सृजन में योगदान के लिए उल्लेखनीय।
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Poems & Stories by लमाबम कमल सिंह
आज का मैतै साहित्य
खिली तमिल प्रफुल्ल तेलुगुभारत के पुष्पोद्यान में
खोङ्ममेलै
बढ़ता न जल में उगता न थल मेंलेता आसरा पेड़-पौधों का
लैपाकलै
लघुपद विकसित घास में, निर्जन में खिलता सामर्थ्यवानझेलता धूप कालेन की, सहता इङा की वर्षा
अजाना पुष्प-पौधा
शोभित उद्यान मध्य भारत केख्यात बकुल का
चंद्र नदी
दिख रहा दूर यह पर्वत कितना सुंदर!अभिनव मोहक आकर्षक,
Selected Quotes by लमाबम कमल सिंह (चुनिंदा उद्धरण)
लघुपद विकसित घास में, निर्जन में खिलता सामर्थ्यवानझेलता धूप कालेन की, सहता इङा की वर्षादिख रहा दूर यह पर्वत कितना सुंदर!अभिनव मोहक आकर्षक,खिली तमिल प्रफुल्ल तेलुगुभारत के पुष्पोद्यान मेंशोभित उद्यान मध्य भारत केख्यात बकुल काबढ़ता न जल में उगता न थल मेंलेता आसरा पेड़-पौधों काVideos on लमाबम कमल सिंह
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