कृपाराम, poet
Sootradhar · Author

कृपाराम

कृपाराम

nan

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Selected Quotes

लोचन चपल कटाच्छ सर, अनियारे विषपूरि.मन मृग बेधें मुनिन के,जगजन सहत बिसूरि.
— कृपाराम
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सीख्यो सब काम धन धाम को सुधारिबे को ,सीख्यो अभिराम बाम राखत हजूर मैँ ।
— कृपाराम
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