हेम बरुआ, poet
Sootradhar · Author

हेम बरुआ

हेम बरुआ

तेज़पुर, असम

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About हेम बरुआ

साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित पहले असमिया कवि और प्रसिद्ध राजनेता।

Selected Quotes

हड्डी ठिठुराती हुई कुहेलिका औरकाल-शकुनों के पंखों के नीचे का उत्ताप इसी से हमारे
— हेम बरुआ
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