किसी ने मुझे शिद्दत से चाहा
मैंने तुझे, और तूने किसी और को
किसी ने मुझे ख़त लिखा
मैंने तुझे और तूने किसी और को
किसी ने मेरा द्वार खटखटाया
मैंने तेरा, और तूने किसी और का
किसी ने मेरा हाथ छुआ
मैंने तेरा, और तूने किसी और का
किसी ने मेरी ओर देखा—मुस्करा कर
मैंने तेरी ओर और तूने किसी और की तरफ़
किसी ने मेरी ओर ख़ुशबू भेजी
मैंने तेरी तरफ़, और तूने किसी और की तरफ़
यह सारा कुछ कभी भी
पीछे की ओर नहीं लौटा
किसी से तेरी ओर
मेरे से तेरी ओर
मेरे से किसी और की तरफ़
मुहब्बत करते हुए भी
कितने विवश होते हैं—हम!








