रूपांतर
इतिहास
गाथाएं
झूठ हैं सब
सच है एक पेड
जब तक वह फल देता है तब तक
सच है
जब यह दे नहीं सकता
न पत्ते
न छाया
तब खाल सिकुडने लगती है उसकी
और फिर एक दिन खत्म हो जाता है वह
इतिहास बन जाता है
और गाथा
और सच से झूठ में
बदल जाता है
चुपचाप।
रूपांतर
इतिहास
गाथाएं
झूठ हैं सब
सच है एक पेड
जब तक वह फल देता है तब तक
सच है
जब यह दे नहीं सकता
न पत्ते
न छाया
तब खाल सिकुडने लगती है उसकी
और फिर एक दिन खत्म हो जाता है वह
इतिहास बन जाता है
और गाथा
और सच से झूठ में
बदल जाता है
चुपचाप।

Ganga Prasad Vimal (also Gangaprasad Vimal, गंगा प्रसाद विमल) (June 3, 1939 – December 23, 2019) was an Indian writer. He was a poet, story writer, novelist[5] and translator. Poetry Collections: Vijjap (1967), Bodhi Vriksh (1983), Itna Kuchh (1990), Talisman…
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