देवप्रकाश गुप्त, poet
Sootradhar · Author

देवप्रकाश गुप्त

देवप्रकाश गुप्त

nan

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Selected Quotes

फूलों से तुम हँसी माँग लो, सागर से गहराई,नए साल की नई सुबह तुमको दुलारने आई।
— देवप्रकाश गुप्त
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