ठाकुर, poet
Sootradhar · Author

ठाकुर

ठाकुर

बुन्देलखंड

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Selected Quotes

जौँ लौँ कोऊ पारखी सोँ होन नहिँ पाई भेँटतब ही लौँ तनक गरीब सोँ सरीरा हैँ ।
— ठाकुर
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बैर प्रीति करिबे की मन में न राखै सक॥राजा राव देखि कै न छाती धक धाकरी।
— ठाकुर
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Poetry & Stories

  1. जौँ लौँ कोऊ पारखी सोँ होन नहिँ पाई भेँट - ठाकुर

    जौँ लौँ कोऊ पारखी सोँ होन नहिँ पाई भेँटतब ही लौँ तनक गरीब सोँ सरीरा हैँ ।

    3 min read · 12.3K reads
  2. बैर प्रीति करिबे की मन में न राखै सँक - ठाकुर

    बैर प्रीति करिबे की मन में न राखै सक॥राजा राव देखि कै न छाती धक धाकरी।

    2 min read · 12.3K reads
  3. हिलि मिलि लीजिये प्रवीनन ते आठो याम - ठाकुर

    हिलि मिलि लीजिये प्रवीनन ते आठो यामकीजिये अराम जासोँ जिय को अराम है ।

    2 min read · 12.3K reads
  4. सेवक सिपाही सदा उन रजपूतन के - ठाकुर

    सेवक सिपाही सदा उन रजपूतन केदान युद्ध वीरता मेँ नेकु जे न मुरके ।

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  5. चारहू ओर उदै मुखचँद की चाँदनी चारु निहार ले री - ठाकुर

    चारहू ओर उदै मुखचँद की चाँदनी चारु निहार ले री ।बलि जो पै अधीन भयो पिय प्यारो तो एतो बिचार बिचारि ले री ।

    2 min read · 12.3K reads

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