सैफ़ी आज़मी, poet
Sootradhar · Author

सैफ़ी आज़मी

सैफ़ी आज़मी

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Selected Quotes

काश इतना ही समझ लेते ये अहल-ए-कारवाँ फ़ासले बढ़ जाते हैं सहमी हुई रफ़्तार से
— सैफ़ी आज़मी
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आँख नम रुख़ पर उदासी दर्द भी दिल के क़रीब क्या मोहब्बत आ गई है अपनी मंज़िल के क़रीब
— सैफ़ी आज़मी
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