प्राणनाथ, poet
Sootradhar · Author

प्राणनाथ

प्राणनाथ

nan

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Selected Quotes

मैं तो बिगडया विस्वथें बिछुडया, बाबा मेरे ढिग आओ मत कोई।बेर-बेर बरजत हों रे बाबा, ना तो हम ज्यों बिगडेगा सोई॥
— प्राणनाथ
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खोज थके सब खेल खसम री,मनहींमें मन उरझाना, होत न काँ गम री॥
— प्राणनाथ
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