एक मॉर्बिड कल्पना

हरि बरकाकतिहरि बरकाकति

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माघ की रात का

'सब-ज़ीरो' जाड़ा...

रेल के कोयला-ढुलाई के डब्बे में

मिले दो शव,

जाड़े में ठिठुर मरे

कोयला चोरों के!

ख़बर तो बड़ी दहलाने वाली!

बाढ़ ने जिन्हें कर दिया बे-घर

उनके शिविरों में

सूखा चिवड़ा बाँटती

समाज-कल्याण-संघ की महिला-नेता

अचानक नज़र पड़ी

अपनी हथेली पर ही एक बड़ा गला घाव!

अब बाट जोहने का वक़्त ही रहा कहाँ

प्रेस के फ़ोटोग्राफ़र की!

हरि बरकाकति
About the poet

हरि बरकाकति

सुपरिचित असमिया कवि। छह काव्य-संग्रह प्रकाशित।

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