हलीम कुरेशी, poet
Sootradhar · Author

हलीम कुरेशी

हलीम कुरेशी

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Selected Quotes

अब तुझे कैसे बताएँ कि तिरी यादों में कुछ इज़ाफ़ा ही किया हम ने ख़यानत नहीं की
— हलीम कुरेशी
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कोई इल्ज़ाम कोई तंज़ कोई रुस्वाई दिन बहुत हो गए यारों ने इनायत नहीं की
— हलीम कुरेशी
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