गुरु अंगद देव, poet
Sootradhar · Author

गुरु अंगद देव

गुरु अंगद देव

सराय, जिला फिरोजपुर

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Selected Quotes

रतना फेरी गुथली रतनी खोली आइ।वखर तै वणजारिआ दूहा रही समाइ॥
— गुरु अंगद देव
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