दीन, poet
Sootradhar · Author

दीन

दीन

nan

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Selected Quotes

अर्थ है मूल भली तुक डार सुखच्छर पत्र को पेखिकै जीजै।छन्द है फूल नवोरस हैँ फल दान के वारि सोँ सीँचिबो कीजै।
— दीन
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हिंदु कहें सो हम बडे, मुसलमान कहें हम्म।एक मूंग दो फाडा हैं, कुण ज्यादा कुण कम्म॥
— दीन
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