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गन्ध और पराग - देवराज दिनेश
कितनी तो तरक्की कर गया है विज्ञानवनस्पतियों की होने लगी हैं संकर और उन्नत किस्में
राष्ट्र का मंगलमय आह्वान - देवराज दिनेश
ध्यान से सुनें राष्ट्र-संतान,राष्ट्र का मंगलमय आह्वान.राष्ट्र को आज चाहिए दान , दान में नवयुवकों के प्राण.
यह बात किसी से मत कहना - देवराज दिनेश
तेरे पिंजरे का तोतातू मेरे पिंजरे की मैना
देवराज दिनेश: Quick Answers
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Poems & Stories by देवराज दिनेश
गन्ध और पराग - देवराज दिनेश
कितनी तो तरक्की कर गया है विज्ञानवनस्पतियों की होने लगी हैं संकर और उन्नत किस्में
राष्ट्र का मंगलमय आह्वान - देवराज दिनेश
ध्यान से सुनें राष्ट्र-संतान,राष्ट्र का मंगलमय आह्वान.राष्ट्र को आज चाहिए दान , दान में नवयुवकों के प्राण.
यह बात किसी से मत कहना - देवराज दिनेश
तेरे पिंजरे का तोतातू मेरे पिंजरे की मैना
Selected Quotes by देवराज दिनेश (चुनिंदा उद्धरण)
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