बेनी, poet
Sootradhar · Author

बेनी

बेनी

लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत

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Selected Quotes

करि की चुराई चाल हरि की चुराई लंक,शशि को चुरायो मुख नासा चोरी कीर की।
— बेनी
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हाव भाव विविध दिखावै भली भाँतिन सों,मिलत न रतिदान जोग सँग जामिनी।
— बेनी
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Poetry & Stories

  1. हाव भाव विविध दिखावै भली भाँतिन सों - बेनी

    हाव भाव विविध दिखावै भली भाँतिन सों,मिलत न रतिदान जोग सँग जामिनी।

    2 min read · 12.4K reads
  2. करि की चुराई चाल, सिंह को चुरायो कटि - बेनी

    करि की चुराई चाल हरि की चुराई लंक,शशि को चुरायो मुख नासा चोरी कीर की।

    2 min read · 12.5K reads
  3. धूधर सी वन, धूमसी धामन - बेनी

    धूधर सी वन, धूमसी धामन, गावन तान लगै नर बोरी।बौरी लता, बनिता भई बौरी, सु औधि अध्याय रही अब थोरी॥

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  4. भोर ही न्योति गई ती - बेनी

    भोर ही न्योति गई ती तुम्हें वह गोकुल गाँव की ग्वालिनी गोरीअधिक राति लौं बेनी प्रवीन कहा ढिग राखी करी बरजोरी

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  5. जान्यौ न मैं ललिता अलि - बेनी

    जान्यौ न मैं ललिता अलि ताहि जो सोवत माँहिगई करी हाँसी.लाए हिय नख केहरि के सँग मरी तऊ नहि नींद विनाँसी.

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