असग़र आबिद, poet
Sootradhar · Author

असग़र आबिद

असग़र आबिद

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Selected Quotes

जिस्म पाबंद-ए-गुल सही 'आबिद' दिल मगर वहशतों की बस्ती है
— असग़र आबिद
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हम तो उस पस्ती-ए-एहसास पे जीते हैं जहाँ ये भी मालूम नहीं जीत है क्या मात है क्या
— असग़र आबिद
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