Selected Quotes
Poetry & Stories
मेरा गाँव गज़ा पट्टी में सो रहा था - अजेय
वह आकाश की ओर देखती थीगाँव की छत पर लेटी एक छोटी बच्ची
उत्सव देखने के बाद उदास था शूद्रक - अजेय
वह घूमता रहा था मिट्टी की गाड़ी मेंरात भर जासूस की तरह
आप के भीतर से सच्ची आवाज़ें आतीं रहतीं हैं - अजेय
कुछ आवाज़ेंआप की छाती में जमी रहतीं हैं
सपने में गाँव - अजेय
गाँव में पोलिंग पार्टी उतर रही है सशस्त्र सुरक्षा मेंपोस्टर चिपक रहे हैं
इस उठान के बाद नदी - अजेय
इस नदी को देखने केलिए आप इसके एक दम करीब जाएँ।
अजेय: Quick Answers
When was अजेय born?
अजेय was born on 18 September 1965. Associated place: सुमनम, लाहुल-स्पिति, हिमाचल प्रदेश, भारत.
Where can I read अजेय's poetry?
Kavishala has 111 poems and stories by अजेय, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by अजेय
मेरा गाँव गज़ा पट्टी में सो रहा था - अजेय
वह आकाश की ओर देखती थीगाँव की छत पर लेटी एक छोटी बच्ची
उत्सव देखने के बाद उदास था शूद्रक - अजेय
वह घूमता रहा था मिट्टी की गाड़ी मेंरात भर जासूस की तरह
आप के भीतर से सच्ची आवाज़ें आतीं रहतीं हैं - अजेय
कुछ आवाज़ेंआप की छाती में जमी रहतीं हैं
सपने में गाँव - अजेय
गाँव में पोलिंग पार्टी उतर रही है सशस्त्र सुरक्षा मेंपोस्टर चिपक रहे हैं
इस उठान के बाद नदी - अजेय
इस नदी को देखने केलिए आप इसके एक दम करीब जाएँ।
मुक्ति की कामना - अजेय
मुक्ति की कामना से मुक्त रहती सीउस औरत का आकाश कहां है?
आज जब वह जा रही है - अजेय
(माँ की अंतिम यात्रा से लौटने पर)वह जब थी
पूछो सूरज से क्या वह आएगा ? - अजेय
ठिठुरता धारदार मौसमछील-छील ले जाता है त्वचा
आस-पास एक पृथ्वी चाहिए - अजेय
टिमटिमा-टिमटिमा करवह पृथ्वी की नज़रों में आना चाहता था
बेबस देखता रहा अपना बुद्ध न हो पाना - अजेय
देखता रहा जंगल कोलकड़ बग्घे की तरह
कविता खत्म नहीं होती - अजेय
(मेन्तोसा1 पर एडवेंचर टीम)पैरों तक उतर आता है आकाश
गाँव में चक्का तलाई - अजेय
मेरे गाँव की गलियाँ पक्की हो गईं हैं.गुज़र गई है एक धूल उड़ाती सड़क
Selected Quotes by अजेय (चुनिंदा उद्धरण)
कुछ आवाज़ेंआप की छाती में जमी रहतीं हैंवह घूमता रहा था मिट्टी की गाड़ी मेंरात भर जासूस की तरहमुक्ति की कामना से मुक्त रहती सीउस औरत का आकाश कहां है?ठिठुरता धारदार मौसमछील-छील ले जाता है त्वचादेखता रहा जंगल कोलकड़ बग्घे की तरह(मेन्तोसा1 पर एडवेंचर टीम)पैरों तक उतर आता है आकाशVideos on अजेय
Loading videos…
Books by अजेय
Loading books…








