अबरार आज़मी, poet
Sootradhar · Author

अबरार आज़मी

अबरार आज़मी

nan

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Selected Quotes

कमरे में धुआँ दर्द की पहचान बना था कल रात कोई फिर मिरा मेहमान बना था
— अबरार आज़मी
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तमाम रात वो पहलू को गर्म करता रहा किसी की याद का नश्शा शराब जैसा था
— अबरार आज़मी
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