Couplets · शेर

Every Sher, In One Place

A whole poem in two lines — find one by topic, poet or first letter.

शर्म Sher

4 sher

नाम मेरा सुनते ही शर्मा गएतुम ने तो ख़ुद आप को रुस्वा किया

नसीम देहलवी

ख़ूब पर्दा है कि चिलमन से लगे बैठे हैंसाफ़ छुपते भी नहीं सामने आते भी नहीं

दाग़ देहलवी

देख कर हम को न पर्दे में तू छुप जाया करहम तो अपने हैं मियाँ ग़ैर से शरमाया कर

मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

काबा किस मुँह से जाओगे 'ग़ालिब'शर्म तुम को मगर नहीं आती

मिर्ज़ा ग़ालिब