छाने दो अंधेरा
आने दो आंधिया
गरजने दो मेघों को,
कभी तो सूरज का दौर आएगा!
आज नहीं तो कल
नहीं तो परसों
खुशियों का मल्हार आएगा!
हटेगा अंधेरा,
प्रकाश का राज आएगा!
रूकेगी आंधियां,
धीमी वातो का दौर आएगा!
रुकेगा गरजन
फूटेगा यौवन
नव भविष्य की ओर जाएगा,
वो भी एक दौर आएगा!!
वो भी एक दौर आएगा!!
बिखरेगा तेज़
जगमगा जाऊंगा
दीपक जैसा,
अंधकार को हराकर
प्रकाश की ओर जाऊंगा,
वक्त आने दे
मैं भी
इतिहास रच जाऊंगा!
वो भी एक दौर आएगा!!
वो भी एक दौर आएगा!!