भाईचारा
 
तुम हमे नफ़रत दो 
हम उसे मुहब्बत मान लेंगे, 
तुम हमारी राहों में कांटे बिछा दो 
हम उसे गुलाब मान लेंगे, 
तुम चाहे हमे विष दे दो 
हम उसे अमृत मान लेंगे, 
तुम हमे गालियां दो 
हम उसे कोयल की आवाज मान लेंगे, 
तुम हमे बद्ददुआये दो 
हम उसे आशीर्वाद मान लेंगे, 
तुम हमे यातनाएं दो 
हम उसे कामनाएं मान लेंगे, 
बस मेरे देश में, 
अमन चैन बना रहने दो। 
- विनीत कुमार