बाहर धरती कोहरा ओढ़े
अंदर हम रज़ाई
उसको याद वसंत की
हमको याद तुम्हारी आयी
उसको याद वो पुष्प वो खुशबू
चहु ओर हरियाली
हमको बस वो कत्थई ऑंखें
और गर्म चाय की प्याली


बाहर धरती कोहरा ओढ़े
अंदर हम रज़ाई
उसको याद वसंत की
हमको याद तुम्हारी आयी
उसको याद वो पुष्प वो खुशबू
चहु ओर हरियाली
हमको बस वो कत्थई ऑंखें
और गर्म चाय की प्याली