ज़िन्दगी का स्पर्श's image
550K

ज़िन्दगी का स्पर्श

     ज़िन्दगी का स्पर्श


ज़िन्दगी का स्पर्श पाकर

फिर आज मन संभल गया

टूटे हुए अधूरे सपनों को

जीने का औवित्य मिल गया


ऊष्मता थी इन हौसलों में

जो मौसम भी बदल गया

वृक्ष की टहनी से

Read More! Earn More! Learn More!