तेरी ही सिफारिश लगा कर तो सांसे आती जाती रहती है
और तू पूछती है...याद भी करते हो मुझे ?
रात को चांदनी भी तेरा मुखौटा पहनकर ही गले लगती है मेरे
और तू पूछती है...याद भी करते हो मुझे ?
लोगों की कही हुई बातों को हमेशा तोड़ मरोड़ कर तेरी ही बातों से जोड़ता रहता हूं
और तू पूछती है...याद भी करते हो मुझे ?
तेरे हाथों जितनी नरम किरणें माथे पर पड़ती है तभी आंखों के पर्दे खुलते हैं
और तू पूछती है...याद भी करते हो मुझे ?


