क्या हसीन थी वो सुहानी सी रात थी

वो मोहब्बत भी कुछ पल ही मेहरबां थी


नसीबा भी क्या खूब था अपना भी कुछ ऐसा

मोहब्बत के नशे में ये जवानी भी अपने साथ थी