अब इस समंदर का कोई किनारा नहीं
उनके लौट आने का कोई सहारा नहीं
एक शख्स कश्ती लेकर गया था पानी में
उनके लौट आने का कोई इरादा नहीं
फलक तक पहुंचती थी आवाजे जिनकी
अब उनके गले से कोई आवाजे नहीं
जिनके आने से आ जाती थी चेहरे पर रौनक
अब उनके आने का कोई इशारा नहीं
इस समंदर का कोई किनारा नहीं
उनके लौट आने का कोई सहारा नहीं
