कब तक करेंगे बात हम, राजनीति की
और लड़ेंगे एक-दूसरे से,

चलो इस बरसात में 'मुहब्बत की बात' करते हैं।

न हमें सत्ता से मतलब, और न ही बेेेशुुुमार दौलत से,
तो फिर क्यों फोड़ें सर एक-दूसरे का,

चलो इस बरसात में 'चाय पर मुलाक़ात' करते हैं।