प्रेम की शक्ति है, मुझ से,
ईश की अनुरक्ति है मुझ से
जीवन-ज्वाला से जलता नहीं,
मैं सत्य हूँ , डरता नहीं
हूँ अडिग हिमवान-सा
अक्षय सदा हूँ प्राण-सा
विश्वास का मैं रक्त हूँ
अहिंसा का मैं भक्त हूँ
माया-भ्रम इस विश्व का,
मुझको भ्रमित करता नहीं,
मैं सत्य हूँ...
उज्ज्वल हूँ प्रभात-सा
हूँ सुवासित पारिजात-सा
मुश्किल का हल है मुझसे
निर्बल का बल है मुझसे
मुझमें अस्तित्व का अमृत है
मैं कभी मरता नहीं
मैं सत्य हूँ...
मैं अविजित अनन्त हूँ
एकरूप कालपर्यंत हूँ
हूँ 'सुमन' सा कोमल मैं
स्नेह का हूँ परिमल मैं
कोई विषाद और दुःख कोई,
मेरा सुख हरता नहीं
मैं सत्य हूँ...
-संजय सुमन


