यार लौट आया
कामीयाबी का नशा चढ़ता गया
वो हम दोस्तों को पीछे छोड गया
आज सब कुछ हारकर वो फिर लौट आया
यारों हमने उसे ख़ुशी से गले लगा लिया
साजिदा


यार लौट आया
कामीयाबी का नशा चढ़ता गया
वो हम दोस्तों को पीछे छोड गया
आज सब कुछ हारकर वो फिर लौट आया
यारों हमने उसे ख़ुशी से गले लगा लिया
साजिदा