तुझसे है इश्क़ 

मेरे प्यार की मंज़िल तेरे दिल तक है सीमित 

नए अरमान हुए है मेरे मन में जीवित 

मुकम्मल रास्ता ढूँढ रहा है ये दिल 

मिले अगर कोई तरकीब तो आसान हो जाए ये मंज़िल 

साजिदा