तेरी आँखो में ..


तेरी आँखो में एक कश्मकश है 

दर्द की लहरे इनमे दिखाई देती है 


जब भी देखे इनमें अजीब कशिश है 

ख़ूबसूरती इनमे देती पहरे है 


मासूमियत इनमे बखूबी दिखती है 

सच्चाई इनमे ख़ूब छलकती है 


तेरी आँखो में जवाब जब ढूँढने लगते है 

ना मालूम क्यूँ वो नम सी हो जाती है 


#साजिदा