प्यार की सौग़ात
किसिको कुछ कहकर रुलाया ना करो
रुलाकर कभी हँसाया भी करो
मनाते थे जैसे मनाया भी करो
यारा बुरी बातों को भुलाया करो
वादों को अपने निभाया भी करो
टूटते रिश्तों को बचाया भी करो
हर लम्हे को ख़ुशियों से भरो
दिल को कभी क़िसिके दुखाया ना करो
हर पल प्यार की सौग़ात दिया करो
साजिदा

