प्रेम नगर

यारा तेरी बातें मुझे सपनो की नगरी लिए जाए 

जहाँ पर हमें बस ख़ुशियाँ परोसीं जाए 

वो जगह बस प्रेम ही प्रेम बरसाए 

ग़म की परछाई दूर तक नज़र ना आए 

ख़्वाबों की दुनिया हम वहाँ बसाए

चलो प्रेम की नगर हमें बुलाए

साजिदा