“परिवार “
परिवार वो है जो हमें हर पल साथ होने का एहसास देता है ।
हमारे अधूरेपन को पूरा करता है परिवार ।
आँखो के आँसू गिरने से पहले हाथ आगे करता है परिवार ।
ख़ुशियों को बाँटने का काम करता है परिवार ।
अकेलेपन को दूर करने को आगे बढ़ाता है कन्धा वो है परिवार।
दुखों को समेटने का काम करता है परिवार ।
हमें हमारा आईना दिखाता है परिवार ।
गिरने से पहले ही हमें सम्भालता है परिवार ।
तनहाई को दूर करने बाहें फहलाता है परिवार ।
दुखों के पीछे सुख है ये सिखाता है परिवार ।
ग़मों को दूर करने की कोशिश हर पल करता है परिवार ।
अच्छा हो या बुरा साथ नहीं छोड़ता कभी परिवार ।
कदम से कदम मिलाकर चलता है परिवार ।
खुशनसीब है वो लोग जिनके पास है परिवार ।
साजिदा

