नटखट छैल छबीला है तू
काहे तुझको हम है भाते
सीधी साधी छोरी है हम
बातें तेरी समझ ना पाते
अदाएँ बेमिसाल है तेरी
काहे भाए तुझको सादगी हमारी
तारीफ़ों का ताज है तुझ पर
फूल तू काहे बरसाए हम पर
सबकी नज़रों का चलता तुझ पर तीर
फिर भी क्यूँ कहता है हम ही है तेरी हीर
#साजिदा
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#SajjShayeri

