नैना तेरे

चंचल नैन कटार तेरे ,

दिल में चूब गए ऐसे मेरे ,

मानो घाव कर गए ऋदय को मेरे ,

नैनों से वार कर गए नैना तेरे ,

ढूँढू कहाँ अब चैन मेरे ,

मरहम दे जा घाव को मेरे ,

मांगु दुवाए ख़ुशियों की तेरे ,

दे गयी ख़ुशियाँ जीवन में मेरे ,

अब ढूँढू कहाँ निशाँ मैं तेरे ,

बसना चाहूँ नैनों में तेरे ,

हँसकर आजा जीवन में मेरे ।

साजिदा