मेरी माँ
आता है आँखो में मेरे ख़ुशियों का पानी ,
जब माँ कहती हो मुझे तुम रानी ।
मेरी सारी शैतानियों पर डाँटती हो मुझे आकर ,
रोने पर मेरे लगाती हो गले माँ मुझे तुम आकर ।
हल्ला-गुल्ला करना शरारत है मेरी ,
डाँट लगाकर प्यार करना आदत है तेरी ।
माँ सारी दुनिया लगती है मुझे प्यारी ,
पर मुझे लगती है माँ सूरत तेरी न्यारी ।
जाते है लोग अपनी मन्नतें माँगने भगवान से ,
पर मेरी मन्नतें होती है पूरी तेरी ही दुवाओ से ।
माँ होना नहीं है मुझे तुझसे कभी दूर ,
तेरे ही स्पर्श से आता है जीवन में मेरे नूर ।
मुश्किलों से मैं नहीं हूँ कभी डरती ,
क्यूँकि तेरी दवाएँ जाकर है मुश्किलों से लड़ती ।
हर तूफ़ान से लड़ने की ताक़त माँ तुमसे ही है मिलती ,
इसलिए तकलीफ़ों को भी मैं ख़ुशियों में ही गिनती ।
है मालूम अच्छाइयों से मिलती है जन्नत ,
पर मेरे लिए तो तेरे पैरों में ही है मेरी जन्नत ।
आँखों में तेरी सूरत रखकर करती हूँ ख़ुशियों की आस ,
दुनिया की ख़ुशियाँ आती है समेटकर मेरे पास ।
माँ तेरा एहसास ही बढ़ा देता है मेरी शान ,
इसलिए कहते है माँ होती है सबसे महान ।
साजिदा

