मेरे हमसफ़र
अश्कों से आँसू बहते थे हमारे ।
ग़मों को छुपाए हम रखे थे सारे ।
ख़ुशियों को लाए ज़िंदगी में तुम हमारे ।
आ गए जैसे आँचल में आसमान के तारे ।
ख़्वाबों को पूरा किए हो तुम हमारे ।
मुश्किलोंसे लड़ना सीखे हम साथ तुम्हारे .
तकलीफ़ों को खुद आप ले लिए हमारे ।
बुराई को पास नहीं आने देते आप हमारे ।
प्यारे से ख़्वाब अब आते है आँखो में हमारे ।
ज़िंदगी हमारी अब साथ में जीनी है तुम्हारे ।
साजिदा