मेरे हमराही

हर दुवा में है शामिल नाम महबूब का 

शायद ये क़सूर है इश्क़ के आपका 

नज़ाकत भरा चेहरा है जनाब का 

खुश कर देता है हमें हर अंदाज़ आपका 

साजिदा