मेरा देश
देश मेरा है हसीन ,तारीफ़ इसकी हर कही ।
हरियाली से हराभरा ,प्यार से भराभरा ।
आदर बड़ों का है यहाँ ,इज्जत सभी की है यहाँ ।
आशाओं से भरेभरे ,ख़्वाब सभी के होते पूरे ।
सच्चाई से हटे नहीं ,विश्वास कभी टूटे नहीं ।
तूफ़ान से लड़े यहाँ ,आँधी को भगा दे यहाँ ।
विचार जो खरेखरे ,मन में सभी के भरेभरे ।
कोई किसी से कम नहीं ,विचारों को यहाँ रोक नहीं ।
हर जाती के लोग है यहाँ ,ख़ुशियाँ ढूँढे मिलकर यहाँ ।
मेहमान है भगवान यहाँ ,अपनापन सभी में यहाँ ।
दोस्ती निभाते है यहाँ ,दुश्मनी को चित करते यहाँ ।
नेक काम करते यहाँ ,दुवाऐ पाते हम यहाँ ।
साजिदा