मेहनत
हर पल क़िस्मत को कोसते रहना सही नहीं
मेहनत से खुद का मुक़द्दर बनाए वही है सही
लकीरों में रास्ते ढूँढना अकलमंदी नहीं
रास्ते खुद बनाकर मंज़िल तक पहुँचना ही है सही
साजिदा


मेहनत
हर पल क़िस्मत को कोसते रहना सही नहीं
मेहनत से खुद का मुक़द्दर बनाए वही है सही
लकीरों में रास्ते ढूँढना अकलमंदी नहीं
रास्ते खुद बनाकर मंज़िल तक पहुँचना ही है सही
साजिदा