मौसम
ये मौसम भी बड़ा अजीब है
हर बार नयी कहानी लिख जाता है
किसिको ख़ुशी तो किसिको ग़म दे जाता है
ग्रीष्म तो आँखों को रुसवा कर जाता है
वसंत आँखो को भीगा कर जाता है
पतझड़ तो आँखों में यादें छोड़ जाता है
शरद अपनी यादों को ताज़ा कर जाता है
हर मौसम की बात निराली है
सबके ख़्वाबों की अलग कहानी है
साजिदा

